मेरे हाथो मे मेहंदी लगी बलमा मेरी उलझी लटो को सुलझा जा बलमा  माथे की बिन्दी गिर पडी , इसे सजादे अपने हाथो से पैरो की पायल बिखर गयी , इसे सजादे अपने हाथो से मेरी चूनर तेरे पीछे उड चली , इससे सजादे अपनी दुल्हन को  मेरी चूड़ी का रंग उतरा उतरा , इसेContinue reading

अब थक गयी ये आँखे तेरे इन्तजार मे  वादा करके फिर न लौटा क्यू  तेरे इन्तजार मे ये सावन बिताये  अब लौट भी आ…. ये पतझड़ के पत्ते सूखे पडे तेरी राह तकते  ये कलिया खुश्बू बिखेरती तेरे पास चली तुझे मेरा एहसास दिलाने  तुझे मेरी याद दिलाने  अब लौट भी आ….. अब लौट भीContinue reading